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राष्ट्रीय शिक्षा नीति से होगा छात्रों की क्षमताओं का वास्तविक आंकलन – भागवत शरण सिंह

खैरागढ़ — स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक शाला में संकुलस्तरीय मेगा पालक सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे सांसद प्रतिनिधि भागवत शरण सिंह ने कहा कि सनातन काल में गुरुकुल शिक्षा पद्धति थी जिसकी वजह से बच्चे बचपन से ही अनुशासित और व्यावहारिक शिक्षा ग्रहण करते थे। पर आधुनिक शिक्षा पद्धति में एक भेड़चाल से चल निकली। जिसका असर बच्चोँ पर भी पड़ा है। अब तक बिना छात्रों की वास्तविक क्षमता जाने दिशा निर्धारित हो रही थी। पर राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के वर्तमान व्यवस्था के माध्यम से बच्चोँ की क्षमताओं का आंकलन अब शुरू से ही किया जाएगा।

महता पर डाला प्रकाश

सम्मेलन में समग्र शिक्षा के सहायक संचालक अजय देशपांडे ने कहा कि शासन ने बैठक की महत्ता पर प्रकाश डाला। देशपांडे ने कहा कि जिले के समस्त संकुलों में वृहद स्तर पर बैठक आयोजित हुई। जिसमें विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई।

अभिभावक भी दें अच्छा वातावरण

कार्यक्रम के अध्यक्षता कर रहे बीएमओ डॉ.विवेक बिसेन ने विचार रखते हुए कहा कि अच्छी शिक्षा के लिए अभिभावकों को बच्चोँ को अच्छा वातावरण प्रदान करना चाहिए। डॉ. बिसेन ने कहा कि बच्चे परीक्षा का दबाव भी नहीं झेल पाते और आत्महत्या जैसा खतरनाक कदम उठाते हैं। हमें शिक्षा के उसी दबाव को कम करना है।

शिक्षकों  ने भी रखे विचार

कार्यक्रम में शिक्षक कमलेश्वर सिंह ने एनइपी पर अपने विचार रखे। कार्यक्रम का संचालन शिक्षक दुर्गेशचंद वर्मा व अखिलेश श्रीवास्तव ने किया। पालकों के सवालों से प्रभारी प्राचार्य कुणाल टंडन ने दिया। कार्यक्रम की सतत मॉनिटरिंग संकुल समन्वयक विभाष पाठक ने किया। कार्यक्रम में शिक्षक गुंजन सिंह, किशोर यादव, संगीत ठाकुर ने भी निर्धारित 12 बिंदुओं पर अपने विचार रखे।

ये रहे मौजूद

कार्यक्रम में सेजेस कन्या शाला के अध्यक्ष आलोक श्रीवास,समाजसेवी मंगल सारथी,शिक्षिका शीला सिंह,गिरवर कोसरे, नीलू सिंह,विनीता सिंह,खुम वर्मा,संगीता सिंह,राजकुमार वर्मा,सरोजबाला साहू, भारती यदु,करण साहू,रिया जैन,जितेन्द्र वर्मा,खेमराज वर्मा, क़दीम कुरैशी, श्वेता ठाकुर सहित अन्य मौजूद रहे।

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