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नथेला डैम में फिर डूबा किशोर, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल नथेला डैम में फिर डूबा 16 वर्षीय किशोर

नथेला डैम में फिर डूबा किशोर, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल नथेला डैम में फिर डूबा 16 वर्षीय किशोर

दो माह में दूसरी दर्दनाक घटना, आखिर जलाशय की सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी किसकी?

खैरागढ़/छुईखदान। छिंदारी स्थित नथेला डैम में बुधवार को एक बार फिर दर्दनाक हादसे ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया। दोस्तों के साथ घूमने पहुंचे 16 वर्षीय किशोर आयुष की गहरे पानी में डूबने से मौत हो गई। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और पुलिस तथा स्थानीय लोगों की मदद से काफी मशक्कत के बाद शव को पानी से बाहर निकाला गया।

बताया जा रहा है कि मृतक हाउसिंग बोर्ड, भिलाई का निवासी था और चार दोस्तों के साथ नथेला डैम घूमने आया था। इसी दौरान वह डैम के गहरे हिस्से में चला गया और पानी में डूब गया। दोस्तों ने बचाने का प्रयास किया, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका।

दो महीने में दूसरी मौत, फिर भी सबक नहीं?

नथेला डैम में यह घटना इसलिए भी गंभीर सवाल खड़े करती है क्योंकि करीब दो माह पहले भी छुईखदान निवासी एक नाबालिग युवक की डूबने से मौत हो चुकी है। लगातार हो रहे हादसों के बावजूद यदि जलाशय क्षेत्र में पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम, चेतावनी बोर्ड, गहरे पानी वाले हिस्सों की स्पष्ट पहचान और निगरानी व्यवस्था नहीं है, तो आखिर इसके लिए जिम्मेदार कौन है?

विभागीय लापरवाही या व्यवस्था की अनदेखी?

पर्यटन और पिकनिक के लिए लोग जलाशयों एवं डैम क्षेत्रों में पहुंचते हैं। ऐसे स्थानों पर प्रशासन एवं संबंधित विभाग की जिम्मेदारी केवल हादसे के बाद पुलिस और राहत दल भेजने तक सीमित नहीं होनी चाहिए। हादसा होने से पहले सुरक्षा के उपाय करना ज्यादा जरूरी है।

क्या नथेला डैम क्षेत्र में गहरे पानी को लेकर पर्याप्त चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं?

क्या संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा कर्मियों या निगरानी की व्यवस्था है?

क्या पूर्व में हुई घटना के बाद प्रशासन ने सुरक्षा ऑडिट या कोई ठोस कार्रवाई की थी?

यदि कार्रवाई की गई थी तो फिर दोबारा हादसा कैसे हुआ?

इन सवालों का जवाब संबंधित विभाग और प्रशासन को जनता के सामने देना चाहिए।

एक और परिवार ने खोया अपना लाल

एक किशोर की जिंदगी चली गई और एक परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। यह केवल एक हादसा मानकर मामले को खत्म कर देना पर्याप्त नहीं होगा। लगातार हो रही घटनाएं संकेत दे रही हैं कि नथेला डैम की सुरक्षा व्यवस्था की गंभीर समीक्षा जरूरी है।

दैनिक सरस्वती संकेत का सवाल सीधा है—

अगर पहले हादसे के बाद भी सुरक्षा व्यवस्था मजबूत नहीं की गई, तो इस दूसरी घटना की नैतिक और प्रशासनिक जिम्मेदारी आखिर किसकी है?

प्रशासन को तत्काल नथेला डैम की सुरक्षा व्यवस्था की जांच कराकर आवश्यक कदम उठाने चाहिए, ताकि भविष्य में किसी और परिवार को अपने बच्चे की जान न गंवानी पड़े।

— राजेंद्र सिंह चंदेल

संपादक, दैनिक सरस्वती संकेत, खैरागढ़

मो.: 94060 95724

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