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आरटीई फीस वृद्धि की मांग पर निजी विद्यालयों का असहयोग आंदोलन

आरटीई फीस वृद्धि की मांग पर निजी विद्यालयों का असहयोग आंदोल

प्रदेश अध्यक्ष राजीव गुप्ता के आवाहन पर सरकार को दी चेतावनी

रायपुर। छत्तीसगढ़ में आरटीई (शिक्षा का अधिकार अधिनियम) के अंतर्गत फीस प्रतिपूर्ति राशि में वृद्धि की मांग को लेकर निजी विद्यालय संचालकों ने कड़ा रुख अपना लिया है। छत्तीसगढ़ निजी विद्यालय संघ के प्रदेश अध्यक्ष राजीव गुप्ता के आवाहन पर प्रदेशभर के निजी स्कूलों ने असहयोग आंदोलन की घोषणा की है।

संघ ने स्पष्ट किया है कि जब तक सरकार आरटीई फीस में वास्तविक खर्च के अनुरूप वृद्धि नहीं करती, तब तक शिक्षा विभाग के किसी भी नोटिस, पत्राचार या निर्देश का जवाब नहीं दिया जाएगा। साथ ही विभागीय बैठकों, सर्वेक्षण, डाटा संकलन तथा अन्य प्रशासनिक कार्यों में भी सहयोग नहीं किया जाएगा।

आर्थिक संकट का हवाला

संघ पदाधिकारियों का कहना है कि वर्तमान में दी जा रही प्रतिपूर्ति राशि महंगाई, शिक्षकों के वेतन, भवन रखरखाव और अन्य शैक्षणिक खर्चों के मुकाबले अत्यंत कम है। वर्षों से इस संबंध में ज्ञापन सौंपे जाने के बावजूद कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया, जिससे निजी विद्यालयों की आर्थिक स्थिति प्रभावित हो रही है।

विद्यार्थियों के हित सर्वोपरि

हालांकि संघ ने यह भी कहा है कि विद्यार्थियों की पढ़ाई बाधित न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाएगा। आंदोलन प्रशासनिक स्तर पर असहयोग तक सीमित रहेगा, ताकि शिक्षा व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।

समाधान की उम्मीद

शिक्षा जगत में इस निर्णय को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार और निजी विद्यालय संघ के बीच संवाद के माध्यम से शीघ्र समाधान निकाला जाना चाहिए, जिससे विद्यार्थियों और अभिभावकों के हित सुरक्षित रह सकें।

अब प्रदेश में इस मुद्दे पर सरकार की प्रतिक्रिया और संभावित वार्ता पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं।

दैनिक सरस्वती संकेत समाचार पत्र हेतु

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