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सशक्त नारी और युवा उड़ान के संकल्प के साथ खैरागढ़ में मना 26वां राज्योत्सव

सशक्त नारी और युवा उड़ान के संकल्प के साथ खैरागढ़ में मना 26वां राज्योत्सव

मंत्री दयालदास बघेल ने किया शुभारंभ, कहा- विकास और सांस्कृतिक पहचान के दम पर नई ऊंचाइयों को छुएगा खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिला

विभागीय प्रदर्शनी में दिखी विकास कार्यों की झलक, स्कूली विद्यार्थियों और स्थानीय कलाकारों की प्रस्तुतियों ने बांधा समां

खैरागढ़। संगीत नगरी खैरागढ़ में छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर 26वां राज्योत्सव उत्साह और उल्लास के साथ मनाया गया। जिला मुख्यालय स्थित राजा फतेह सिंह खेल मैदान में आयोजित जिला स्तरीय समारोह में प्रदेश के कैबिनेट मंत्री दयालदास बघेल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए और दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस वर्ष राज्योत्सव की थीम ‘सशक्त नारी, युवा उड़ान’ रही, जिसके माध्यम से महिला सशक्तिकरण और युवाओं की भागीदारी का संदेश दिया गया।

समारोह में जिले की विकास यात्रा, शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं और छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोकसंस्कृति की झलक देखने को मिली। विभिन्न विभागों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी आकर्षण का केंद्र रही, वहीं विद्यार्थियों और स्थानीय कलाकारों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने दर्शकों का मन मोह लिया।

मुख्य अतिथि मंत्री दयालदास बघेल ने जिलेवासियों को राज्योत्सव की शुभकामनाएं देते हुए छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माता पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी के योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि राज्य निर्माण के बाद छत्तीसगढ़ को अपनी अलग पहचान मिली और विकास के नए रास्ते खुले। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को पूरा करने की दिशा में काम कर रही है।

मंत्री बघेल ने कहा कि खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिला कला, संगीत और संस्कृति के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान रखता है। यहां विकास की अपार संभावनाएं हैं। केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से जिले को विकास की नई सौगातें मिलेंगी और आने वाले समय में यह एक विकसित एवं सशक्त जिले के रूप में अपनी पहचान बनाएगा।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे जिला पंचायत उपाध्यक्ष विक्रांत सिंह ने कहा कि राज्य गठन के बाद छत्तीसगढ़ ने विकास के अनेक आयाम स्थापित किए हैं। अब विकसित छत्तीसगढ़ के साथ खैरागढ़-छुईखदान-गंडई को भी विकास के अग्रणी जिलों में शामिल करना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

कलेक्टर इंद्रजीत सिंह चंद्रवाल ने स्वागत उद्बोधन में जिले की उपलब्धियों, विशिष्ट पहचान और विकास की संभावनाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप जिले में विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को प्राथमिकता दी जा रही है।

समारोह के दौरान मंत्री दयालदास बघेल ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन किया और अधिकारियों से योजनाओं की जानकारी ली। इसके बाद स्कूली एवं महाविद्यालयीन विद्यार्थियों और स्थानीय कलाकारों ने छत्तीसगढ़ी लोकगीत, नृत्य, नाटक, सामूहिक एवं एकल नृत्य की आकर्षक प्रस्तुतियां दीं। लोकसंस्कृति और परंपराओं से सजी प्रस्तुतियों पर दर्शकों ने तालियों के साथ कलाकारों का उत्साहवर्धन किया। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को अतिथियों ने सम्मानित भी किया।

इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष गिरिजा नंद चंद्राकर, घम्मन साहू, डॉ. बिसेसर साहू, तीरथ चंदेल, जिला पंचायत सभापति दिनेश वर्मा, अरुणा राजू सिंह बनाफर, भुनेश्वरी जीवन देवांगन, नीलिमा महेश गोस्वामी, कीर्ति वर्मा, खेमराज जैन, गोरेलाल वर्मा, डॉ. शैलेंद्र त्रिपाठी, लखन साहू, अनूप वर्मा, विनय देवांगन, अय्यूब सोलंकी, सुनील यादव, कांता यादव, सूर्यदमन सिंह, जीवन देवांगन एवं अनुज देवांगन सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

इसके अलावा पुलिस अधीक्षक लक्ष्य शर्मा, जिला पंचायत सीईओ प्रेम कुमार पटेल, अपर कलेक्टर सुरेंद्र सिंह ठाकुर, एसडीएम अविनाश सिंह ठाकुर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रूपेश दांडे, सीएमएचओ डॉ. अनिल कुमार शुक्ला, जिला शिक्षा अधिकारी उपेंद्र देवांगन सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी, गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन शिक्षक महदीप जंघेल ने किया।

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