खैरागढ़ में तेज रफ्तार का कहर: लगातार सड़क दुर्घटनाओं से दहशत, स्पीड ब्रेकर व सख्त कार्रवाई की मां
खैरागढ़। शहर में इन दिनों तेज रफ्तार वाहनों के कारण सड़क दुर्घटनाओं की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। मुख्य मार्गों, स्कूलों के आसपास तथा बाजार क्षेत्र में आए दिन हो रही दुर्घटनाओं से आमजन में भय और आक्रोश का माहौल है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि बेलगाम रफ्तार, नियमों की अनदेखी और यातायात नियंत्रण की कमी के चलते लोगों को जान-माल का नुकसान उठाना पड़ रहा है।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कई स्थानों पर दोपहिया और चारपहिया वाहन निर्धारित गति सीमा से अधिक रफ्तार में दौड़ते हैं, जिससे राहगीरों, स्कूली बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा खतरे में पड़ गई है। विशेष रूप से व्यस्त चौराहों और संकरी सड़कों पर दुर्घटना का जोखिम और अधिक बढ़ गया है।
जनप्रतिनिधियों व प्रशासन से मांग
स्थानीय नागरिकों, सामाजिक संगठनों एवं व्यापारियों ने जनप्रतिनिधियों और प्रशासन से मांग की है कि—
प्रमुख मार्गों एवं संवेदनशील स्थानों पर स्पीड ब्रेकर तत्काल बनाए जाएं।
स्कूल, अस्पताल और बाजार क्षेत्र में गति सीमा के स्पष्ट संकेतक बोर्ड लगाए जाएं।
नियमित रूप से यातायात पुलिस की तैनाती सुनिश्चित की जाए।
तेज रफ्तार व नशे में वाहन चलाने वालों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।
सीसीटीवी कैमरे एवं स्पीड मॉनिटरिंग सिस्टम स्थापित किए जाएं।
रोकथाम के लिए जरूरी कदम
विशेषज्ञों के अनुसार सड़क दुर्घटनाओं पर नियंत्रण के लिए बहुस्तरीय प्रयास आवश्यक हैं—
ट्रैफिक सर्वे कर दुर्घटना संभावित स्थलों (ब्लैक स्पॉट) की पहचान।
मानक के अनुरूप स्पीड ब्रेकर व रंबल स्ट्रिप का निर्माण।
जनजागरूकता अभियान—स्कूलों व कॉलेजों में यातायात नियमों पर कार्यशाला।
हेलमेट और सीट बेल्ट अनिवार्यता का सख्ती से पालन।
नगर में वन-वे एवं नो-पार्किंग व्यवस्था का प्रभावी क्रियान्वयन।
आमजन की अपील
शहरवासियों ने प्रशासन से शीघ्र कार्रवाई की मांग करते हुए कहा है कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो जनआंदोलन की स्थिति निर्मित हो सकती है। लोगों का स्पष्ट कहना है कि सड़क सुरक्षा केवल प्रशासन की नहीं, बल्कि समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।
सरस्वती संकेत समाचार पत्र प्रशासन से अपेक्षा करता है कि नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए आवश्यक कदम तुरंत उठाए जाएं, ताकि खैरागढ़ की सड़कों पर रफ्तार का यह कहर थम सके और आमजन सुरक्षित महसूस कर





