महामाया मंदिर के नीचे स्थित तालाब में 15 दिनों से मुरूम उत्खनन, ग्रामीणों ने उठाए सवाल

खैरागढ़। ग्राम पंचायत सांकरा में महामाया मंदिर के नीचे स्थित तालाब क्षेत्र में पिछले लगभग 15 दिनों से मिट्टी युक्त मुरूम के उत्खनन एवं परिवहन का कार्य लगातार जारी होने का मामला सामने आया है। ग्रामीणों का आरोप है कि तालाब के भीतर एवं आसपास के क्षेत्र से जेसीबी मशीनों द्वारा खुदाई कर मुरूम निकाला जा रहा है तथा हाइवा वाहनों के माध्यम से उसका परिवहन किया जा रहा है।

ग्रामीणों के अनुसार प्रतिदिन दो जेसीबी मशीनें और तीन से चार हाइवा वाहन उत्खनन कार्य में लगे हुए हैं। तालाब क्षेत्र में लगातार हो रही खुदाई से जल संरक्षण एवं पर्यावरणीय संतुलन पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका व्यक्त की जा रही है।
मामले को लेकर ग्राम पंचायत सांकरा के सरपंच पति द्वारिका वर्मा से चर्चा करने पर उन्होंने बताया कि प्रारंभ में ठेकेदार अथवा वाहन मालिकों द्वारा प्रति ट्रिप 50 रुपये देने की बात कही गई थी। वहीं हाल ही में आयोजित बैठक में 200 रुपये प्रति ट्रिप तक देने का प्रस्ताव रखा गया। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि उन्हें खनिज रॉयल्टी एवं उसके नियमों की विशेष जानकारी नहीं है।
इस पूरे मामले ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि तालाब क्षेत्र से मुरूम निकाला जा रहा है तो क्या इसके लिए संबंधित विभागों से वैध अनुमति प्राप्त की गई है? क्या उत्खनन एवं परिवहन के लिए आवश्यक रॉयल्टी और परिवहन पास जारी किए गए हैं? यदि नहीं, तो यह कार्य किसके संरक्षण में संचालित हो रहा है?
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन, खनिज विभाग एवं राजस्व विभाग से मांग की है कि मामले की तत्काल जांच कराई जाए तथा उत्खनन में लगे वाहनों, ठेकेदारों एवं संबंधित जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
अब बड़ा सवाल यह है कि आखिर तालाब क्षेत्र में चल रहे इस कथित उत्खनन पर प्रशासन कब संज्ञान लेगा और शासन को होने वाले संभावित राजस्व नुकसान की भरपाई कैसे होगी?
— राजेन्द्र सिंह चंदेल
संपादक, दैनिक सरस्वती संकेत
मो. 9406095724


