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फतेह मैदान में 51 कुंडीय गायत्री महायज्ञ कल से

फतेह मैदान में 51 कुंडीय गायत्री महायज्ञ कल से

एक लाख से अधिक लोग जुटेंगे, कई संस्कार भी होंगे निःशुल्क

खैरागढ़, (सरस्वती संकेत)। शहर के फतेह मैदान में आठ दिसंबर से आयोजित 51 कुंडीय गायत्री महायज्ञ में एक लाख से अधिक श्रद्धालु शामिल होंगे। इसकी व्यापक तैयारी लगभग पूरी हो चुकी है। फतेह मैदान में इसके लिए भव्य पंडाल के साथ 51 हवनकुंड स्थापित किए गए हैं।

गायत्री परिवार के 21 आचायर्यों द्वारा हवन की प्रक्रिया रोजाना पूरी कराई जाएगी। इनके साथ सात लोगों की संगीत टोली भी भजन कीर्तन की प्रस्तुति देंगी। मैदान में हवनकुंड निर्माण कार्य पूर्ण किया जा चुका है। बैठक सहित अन्य व्यवस्था के लिए गायत्री परिवार के लोग माह भर से जुटे हैं।

सात सौ लोगों ने जुटाया अन्न और अनुदान

51 कुंडीय गायत्री महायत्र की तैयारी माह भर पहले से ही शहर सहित आसपास के इलाकों में लगातार जारी है। गायत्री महायत्र के लिए अन्न और अनुदान जुटाने खैरागढ़ जिले के गायत्री परिवार के पांच सौ सदस्यों के साथ- साथ बेमेतरा, राजनांदगांव, मानपुर मोहला, दुर्ग, कवर्धा, धमधा, रायपुर, बिलासपुर, पांडातराई सहित विभिन्न जगहों से आए परिवार के 200 से अधिक साधक महायज्ञ की तैयारी के लिए घर- पर दस्तक देकर अन और अनुदान जुटा रहे हैं। बाहर से आने वाले परिवार के साधकों के लिए शहर के राममंदिर परिसर टिकरापारा सहित शहर के सभी शासकीय और निजी भवनों को अधिकृत किया गया है। यहां लगभग 15 हजार से अधिक लोगों के जुटने की उम्मीद है।के साथ परिवार के साधकों के घरों भी रहने की व्यवस्था बनाई गई है। चार दिवसीय गायत्री महायत्र में एक लाख से अधिक लोगों के आने की संभावना है जिसमें छत्तीसगढ़ समेत हरिद्वार और अन्य प्रदेशों से भी बड़ी संख्या में गायत्री परिवार के साधक पहुंचेंगे।

रोजाना 15 हजार का खाना, पूर्णाहुति में 50 हजार का भोजन

51 कुंडीय गायत्री महायत्र में गायत्री परिवार के साधकों द्वारा रोजाना 15 हजार लोगों के भोजन को व्यवस्था राममंदिर परिसर में बनाई गई है। फतेह मैदान में यज्ञशाला और राममंदिर परिसर में रहने खाने की व्यवस्था की गई है।व्यापक पैमाने पर लोगों के शामिल होने के चलते पाकशाला का निर्माण भी कराया गया है। महायज्ञ के अंतिम दिन पूर्णाहुति में 50 हजार से अधिक लोगों का भोजन तैयार किया जाएगा। इसके लिए व्यापक स्तर पर साधकों के साथ रसोइयों की व्यवस्था बनाई गई है। फतेह मैदान में आयोजित इस महायज्ञ के दौरान पुंसवन, अन्नप्राशन, जन्मदिन, विवाह, जनेऊ, उपनयन, दीक्षा संस्कार, विद्यारंभ, वानप्रस्थ संस्कार निःशुल्क कराये जाएंगे। यज्ञ की शुरुआत में पहले दिन देवपूजन में जोड़ें बैठेंगे, इसके बाद से कोई भी यज्ञ में रोजाना शामिल हो सकेंगे। एक हवनकुंड में 11 से 14 लोगों की बैठक व्यवस्था होगीं। गायत्री परिवार साधक और महायज्ञ के संयोजन में जुटे सुरेन्द्र सिंह ने बताया कि 51 कुंडीय महायज्ञ का उददेश्य विच शांति, परिवार निर्माण, समाज निर्माण, व्यक्ति निर्माण, संस्कारवान पीढ़ी का निर्माण करने के साथ- साथ भारतीय संस्कृति के महत्व और वेद-मंत्र के महत्व को समझना समझाना है।

हरिद्वार से पहुंचे साधक

फतेह मैदान में महायज्ञ के साथ साथ गायत्री परिवार के विभित्र प्रवक्ताओं का आगमन भी होगा। बताया गया कि महायज्ञ में हरिद्वार से 21 से अधिक गायत्री परिवार के महावक्ता शहर में रहेगें। इस दौरान गायत्री परिवार के अंतर्राष्ट्रीय वक्ता श्यामबिहारी दुबे भी खैरागढ़ आएंगे और संस्कार सहित महायज्ञ की महिमा बताएंगे।

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