धरमपुरा में अवैध प्लाटिंग से लेकर नगर पालिका तक भ्रष्टाचार के आरोपों से गरमाई राजनीति
शिकायतों के बाद भी कार्रवाई नहीं, नगर पालिका परिषद खैरागढ़ फिर सवालों के घेरे में
खैरागढ़। शहर के धरमपुरा वार्ड में कथित अवैध प्लाटिंग और नगर पालिका परिषद खैरागढ़ की कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि बोथरा परिवार द्वारा करीब तीन एकड़ कृषि भूमि पर बिना सक्षम अनुमति के प्लाटिंग कर कॉलोनी विकसित की गई, जिससे शासन को भारी राजस्व हानि हुई है।
जानकारी के अनुसार, इस मामले की लिखित शिकायत खैरागढ़ निवासी अनिल जैन द्वारा संबंधित अधिकारियों को दी गई थी। शिकायत में अवैध प्लाटिंग, नियम विरुद्ध निर्माण कार्य और शासकीय राजस्व नुकसान की जांच की मांग की गई थी। इसके बावजूद अब तक किसी प्रकार की ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि शिकायत “चांदी के जूते” के नीचे दब गई और जिम्मेदार अधिकारियों ने पूरे मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया। सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि जिस कॉलोनी की वैधता ही संदेह के घेरे में है, वहां सड़क, नल और बिजली जैसी सुविधाएं किस नियम के तहत उपलब्ध कराई गईं।
नगर पालिका परिषद की भूमिका पर गंभीर सवाल
शहर में चर्चा है कि नगर पालिका में वर्षों से कथित भ्रष्टाचार और अनियमितताओं का खेल चलता आ रहा है। लोगों का कहना है कि पूर्व में पदस्थ तीन सीएमओ तक राज्य शासन की कार्रवाई का सामना कर चुके हैं और निलंबित किए जा चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद व्यवस्थाओं में सुधार नहीं दिखाई दे रहा।
वर्तमान सीएमओ की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि अवैध प्लाटिंग, निर्माण कार्यों में अनियमितता, वित्तीय गड़बड़ी और नियम विरुद्ध विकास कार्यों की लगातार शिकायतें होने के बावजूद प्रशासन मौन बना हुआ है।
सूचना के अधिकार की भी अनदेखी?
स्थानीय नागरिकों ने नगर पालिका में पदस्थ जन सूचना अधिकारी पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। लोगों का कहना है कि सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत लगाए गए आवेदनों की जानकारी समय पर नहीं दी जाती और आवेदकों को कथित रूप से धमकाया भी जाता है। नागरिकों का आरोप है कि लंबे समय से स्थानीय स्तर पर पदस्थ रहने के कारण संबंधित अधिकारी ने अपनी मजबूत पकड़ बना ली है।
जांच और कार्रवाई की मांग तेज
शहरवासियों ने जिला प्रशासन एवं राज्य शासन से मांग की है कि धरमपुरा वार्ड में हुई कथित अवैध प्लाटिंग, नगर पालिका के निर्माण कार्यों, वित्तीय लेनदेन और सूचना के अधिकार से जुड़े मामलों की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। साथ ही दोषी अधिकारियों एवं संबंधित लोगों पर कठोर कार्रवाई की जाए ताकि नगर पालिका में व्याप्त कथित भ्रष्टाचार पर अंकुश लग सके।
अब देखना यह होगा कि प्रशासन इन शिकायतों को गंभीरता से लेकर कार्रवाई करता है या फिर यह मामला भी अन्य शिकायतों की तरह फाइलों में दबकर रह जाएगा।
— संपादक : राजेन्द्र सिंह, दैनिक सरस्वती संकेत, खैरागढ़


