राजू अग्रवाल खैरागढ़
1000 आम को 1000 व्यक्ति में बांटने पर प्रत्येक के हिस्से में एक एक ही आम मिलता है ।
कांग्रेस संगठन का इतिहास गौरव शाली रहा है देश के आज़ादी में इस संगठन का बड़ा योगदान रहा है।
देश आजादी के बाद कांग्रेस पार्टी का देश के प्रगति में बड़ा योगदान रहा है। कांग्रेस संगठन में जुड़े सदस्यो को सभी को अपने विचार रखने , चुनाव में अपने लिए टिकट मांगने का सभी को अधिकार है । राष्ट्रीय स्तरपर भी सभी दल के सदस्य अपने निवास से जरूरी नहीं कि वह अपने स्थानीय ठिकाने से ही चुनाव लड़ें ।
उत्तर प्रदेश के चुनाव में भी मुख्यमंत्री अपने निवास क्षेत्र के बाहर चुनाव लड रहे हैं ।
प्रधानमंत्री भी अपने प्रदेश गुजरात से बाहर वाराणाशी से चुनाव लड़ें ।
स्मिता ईरानी भी अपने निवास स्थान में ,न,लड़, बाहर चुनाव लगी, इंदिरा गांधी,पंडित जवाहरलाल नेहरू, राजीव गांधी,राहूलगाधी, अटल बिहारी वाजपेई, प्रकाश चन्द्र सेठी ,गीता देवी ,शिवराजसिंह चौहान , मोहम्मद अकबर रायपुर से न,लड़ कवर्धा से चुनाव लड़ें । देश के किसी भी क्षेत्र से चुनाव लड़ें है और आगे भी ऐसा ही होगा। देश के नागरिक देश में कोई भी कहीं से चुनाव लड सकता है ।
पार्टी के चयन समिती जिसे टिकट दे उसका पार्टी के सभी सदस्य एक जुट होकर प्रत्याशी को जीताए ।
राजपरिवार खैरागढ़ का गौरवशाली इतिहास रहा है । कुछ ही समय को छोड़ कर ज्यादा तर समय राजपरिवार के सदस्य ही क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते रहे हैं ।
खैरागढ़ राजपरिवार के साथ जनता स्वस्फूर दल,संगठन आम आदमी सहज जुड़ते रहे हैं ।जनता को राजपरिवार से लगाव भी है ।
अभी भी कांग्रेस दल के सदस्यों का भरोसा ,आम आदमी का भरोसा राजपरिवार से है टिकट मांगने का अधिकार सभी को है पर टिकट कटवाने के लिए बाहरी है का नारा उचित नहीं लगता । एक समय स्वर्गीय विजय लाल ओसवाल डौगरगढ विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के टिकट से चुनाव लड़कर जीते थे।
गणीत का सिध्दांत है 100 को 100 से भाग देने पर 1 ही आता है , 0 का का बड़ा महत्व होता है, 1 में 0 को जोड़े तो 10 हो जाता है ।
देवव्रत सिंह को भी इसी तरह लोगों ने शून्यकर दिया था कांग्रेस टिकट से वंचित कर दिया अजीत जोगी ने देवव्रत रूपी शून्य को अपने साथ जोड़ था परिणाम सभी के सामने था । नगरपालिका चुनाव खैरागढ़ में भी बाहरी व्यक्ति के होने से सुखद परिणाम कांग्रेस का रहा है ।