
स्कूल शिक्षा विभाग के 366 करोड़ के डायरी कांड का पर्दाफाश, डीइओ सहित 3 गिरफ्
स्कूल शिक्षा विभाग के 366 करोड़ के डायरी कांड का पर्दाफाश, डीइओ सहित 3 गिरफ्तार स्कूल शिक्षा विभाग के 366 करोड़ के डायरी कांड का पर्दाफाश हो गया है। पुलिस ने इस मामले में रिटायर जिला शिक्षा अधिकारी समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पता चला है, डीईओ स्कूल एजुकेशन विभाग के कुछ अफसरों से रंजिश रखता था, इसलिए उन्हें बदनाम करने फर्जी डायरी को अंजाम दिया। आरोपियों ने पुलिस की पूछताछ में कबूल कर लिया है कि डायरी पूरी तरह फर्जी है और उसे उसके साथ दो और लोगों ने मिलकर इस साजिश को अंजाम दिया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपियों ने अपराध स्वीकार कर लिया है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर पुलिस ने कल जांच तेज की और देर शाम तक तीनों अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया।
जानिए क्या था मामला
दरअसल शिक्षा विभाग में एक कथित डायरी के माध्यम से पदस्थापना के नाम पर पैसों के लेनदेन का आरोप लगाया जा रहा था। लोक शिक्षण संचालनालय के उप संचालक आशुतोष चावरे के हस्ताक्षर युक्त फर्जी शिकायती पत्र के माध्यम से शिक्षा विभाग में भ्रष्टाचार के आरोप लगाए जा रहे थे और सोशल मीडिया के माध्यम से इस बात को प्रचारित किया जा रहा था कि शिक्षकों के पदस्थापना में लेनदेन की गयी है। डीइओ सहित 3 गिरफ्तार मामले में रिटायर डीइओ सहित 3 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। जिन लोगों को गिरफ्तार किया गया, उनमें रायपुर के पूर्व डीइओ जीआर चंद्राकर, कांग्रेस नेता व आरटीआई एक्टिविस्ट संजय ठाकुर और तीसरा नाम कपिल सिंह का है। आरोप है कि इन सभी ने फर्जी तरीके से डायरी तैयार की और उसे सोशल मीडिया वायरल कराया।
यह थी वजह
पिछले साल रिटायर होने के बाद डीइओ चंद्राकर ने संविदा नियुक्ति के लिए अप्लाई किया था, लेकिन उन्हें शक था कि मौजूदा डीइओ एएन बंजारा और केसी काबरा की वजह से उन्हें नियुक्ति नहीं मिल पाई। इसलिए उसने डायरी में पुराने ट्रांसफर ऑर्डर निकाले और फिर उसके सामने रकम लिख दिया। इस काम में चंद्राकर के पड़ोसी चौकीदार ने डायरी लिखने में मदद की। वहीं पूर्व डीइओ के दोस्त संजय सिंह और उसके टाइपिस्ट कपिल सिंह ने भी मदद की। कपिल ने 10 जनवरी को इसे अलग अलग जगहों पर पोस्ट किया था।