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महज दो महीने में ही करोड़ों रुपये का रेलवे ओवरब्रिज क्षतिग्रस्त

महज दो महीने में ही करोड़ों रुपये का रेलवे ओवरब्रिज क्षतिग्रस्त
बरगा–धनगांव मार्ग पर सड़क बीच से फटी, धंसाव से हादसे का खतरा; निर्माण गुणवत्ता पर उठे गंभीर सवाल
राजनांदगांव। जिले के बरगा–धनगांव मार्ग पर स्थित नवनिर्मित रेलवे ओवरब्रिज निर्माण के लगभग दो महीने बाद ही गंभीर क्षति का शिकार होता दिखाई दे रहा है। ओवरब्रिज की सड़क बीच से फट गई है तथा कई स्थानों पर धंसाव स्पष्ट दिखाई दे रहा है। इस स्थिति ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता, तकनीकी मानकों के पालन तथा विभागीय निगरानी पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं।

 


स्थानीय लोगों के अनुसार इस मार्ग से प्रतिदिन बड़ी संख्या में दोपहिया, चारपहिया और भारी वाहन गुजरते हैं। सड़क में आई दरार और धंसाव के कारण वाहन चालकों में भय का माहौल है। यदि समय रहते इसकी मरम्मत नहीं की गई तो किसी भी समय बड़ा सड़क हादसा हो सकता है।


युवा कांग्रेस नेता एवं लोधी समाज इंदामरा के अध्यक्ष परमानंद वर्मा ने कहा कि करोड़ों रुपये की लागत से निर्मित रेलवे ओवरब्रिज का इतनी कम अवधि में क्षतिग्रस्त होना अत्यंत गंभीर और चिंताजनक है। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि निर्माण कार्य पूरी गुणवत्ता और निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुरूप किया गया होता, तो इतनी जल्दी सड़क में इस प्रकार की दरार और धंसाव नहीं आता।
उन्होंने मांग की कि पूरे निर्माण कार्य की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष तकनीकी जांच कराई जाए। जांच में यदि निर्माण एजेंसी, ठेकेदार, तकनीकी अधिकारियों अथवा संबंधित विभाग की लापरवाही सामने आती है, तो दोषियों के विरुद्ध कड़ी कानूनी एवं विभागीय कार्रवाई की जाए। साथ ही ओवरब्रिज की तत्काल मरम्मत कर आवागमन को पूरी तरह सुरक्षित बनाया जाए।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि सरकार विकास कार्यों पर करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, लेकिन यदि ऐसे निर्माण कुछ ही महीनों में क्षतिग्रस्त होने लगें तो यह सार्वजनिक धन के उपयोग और गुणवत्ता नियंत्रण पर गंभीर सवाल खड़े करता है। लोगों ने मांग की है कि केवल मरम्मत ही नहीं, बल्कि यह भी स्पष्ट किया जाए कि सड़क धंसने के वास्तविक कारण क्या हैं और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे।
अब तक संबंधित विभाग की ओर से सड़क धंसने के कारणों को लेकर कोई विस्तृत सार्वजनिक जानकारी सामने नहीं आई है। ऐसे में आम नागरिकों की अपेक्षा है कि शासन और प्रशासन इस मामले को गंभीरता से लेते हुए पारदर्शी जांच कराएं तथा दोषियों की जवाबदेही तय करें।
जनता के प्रमुख सवाल
करोड़ों रुपये की लागत से बना ओवरब्रिज मात्र दो महीने में ही क्षतिग्रस्त कैसे हो गया?
क्या निर्माण कार्य में गुणवत्ता मानकों का पालन किया गया था?
क्या निर्माण एजेंसी और संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय होगी?
क्या किसी बड़े हादसे के बाद ही विभाग कार्रवाई करेगा?
बरगा–धनगांव रेलवे ओवरब्रिज की सड़क में निर्माण के लगभग दो महीने बाद आई बड़ी दरार एवं धंसाव, जिससे आवागमन करने वाले लोगों में दुर्घटना की आशंका बढ़ गई है।

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