मुख्यमंत्री सिर्फ भाजपा के हैं? – मनराखन देवांगन का सीधा वार, लोकतंत्र पर सवाल
खैरागढ़। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के खैरागढ़ में पहले दौरे से पहले ही सियासी पारा चढ़ गया है। करोड़ों रुपये के विकास कार्यों के लोकार्पण और भूमिपूजन को लेकर भाजपा और प्रशासन ने पूरे शहर को सजाने-संवारने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। स्वागत मंच, तोरणद्वार और फूलों की सजावट से लेकर सुरक्षा व्यवस्था तक हर स्तर पर तैयारियां अंतिम चरण में हैं। लेकिन इसी बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और विधायक प्रतिनिधि मनराखन देवांगन ने मुख्यमंत्री से मुलाकात की अनुमति न मिलने पर तीखा हमला बोला है। देवांगन ने सीधे सवाल दागा क्या मुख्यमंत्री सिर्फ भाजपा के हैं? क्या विपक्ष के प्रतिनिधि जनता की आवाज़ सीएम तक नहीं पहुँचा सकते? हमारी बातें व्यक्तिगत नहीं, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और रोजगार जैसे मुद्दों पर आधारित हैं, जो सीधे जनता के हित से जुड़े हैं। फिर भी हमें मुलाकात का समय क्यों नहीं दिया गया? क्या लोकतंत्र में विरोधी आवाज़ों को दबाने का नया तरीका खोजा जा रहा है। कांग्रेस की मिशन संडे टीम ने मुख्यमंत्री से औपचारिक मुलाकात का समय मांगते हुए प्रशासन को आवेदन दिया था। इसमें साफ लिखा गया था कि वे सीएम से न केवल शिष्टाचार भेंट करना चाहते हैं, बल्कि जिले के विकास, बुनियादी सुविधाओं और रोजगार जैसे मुद्दों पर चर्चा भी करना चाहते हैं। टीम का कहना है कि अब तक प्रशासन से कोई स्पष्ट जवाब नहीं आया है और मुलाकात का समय तय नहीं किया गया। इतना ही नहीं मनराखन देवांगन को सीएम के कार्यक्रम में शामिल होने की अनुमति भी नहीं दी गई। इसे लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं में नाराज़गी और रोष है। उनका आरोप है कि प्रशासन पर सत्ता पक्ष का दबाव साफ झलक रहा है और विपक्ष की उपेक्षा लोकतांत्रिक मर्यादाओं के खिलाफ है। देवांगन का कहना है हम जनता का प्रतिनिधित्व करते हैं और हमारी जिम्मेदारी है कि हम उनकी समस्याओं को सत्ता के शीर्ष तक पहुँचाएं। अगर सीएम विपक्ष की बात सुनने को तैयार नहीं हैं तो यह लोकतंत्र नहीं एकतरफा सत्ता प्रदर्शन है।