नियमों की उड़ाई जा रही है धज्जिया
जिला शिक्षा अधिकारी और पूरा विभाग कार्यवाही के नाम पर है जीरो
माननीय हाई कोर्ट के आदेश का भी नहीं करवा पा रहे पालन
शासन के सभी नियम निजी स्कूलों पर थोप कर, शासकीय स्कूलों को खुली छूट
सरस्वती संकेत खैरागढ़ –
जिला शिक्षा अधिकारी एवं शिक्षा विभाग के तमाम उच्च अधिकारीगण द्वारा, शिक्षा की व्यवस्था को सुधारने के लिए माननीय भारत सरकार एवं राज्य सरकार द्वारा किये जा रहे प्रयासों की खुलेआम धज्जिया उड़ाई जा रही है
चाहे भारत सरकार द्वारा जारी बच्चों के आपार आई डी की बात हो, या एक पेड़ मां के नाम हो, या माननीय शिक्षा सचिव के आदेश की बात हो, बिना मान्यता संचालित स्कूलों की बात हो
खैरागढ़ शिक्षा विभाग भारत सरकार, राज्य सरकार के साथ साथ माननीय उच्च न्यायलय के आदेश तक का पालन नहीं करवा पा रहा है
आदेश का पालन न करने वालो को खुली छूट दे रखी है, ज्यादातर जिला के शासकीय विद्यालय के द्वारा ही मनमानी की जाती है, निर्धारित समय पर कोई कार्य नहीं किया जाता है, और विभाग उन पर कार्यवाही करने के बजाये, कार्य करने का डेट बढ़ाते बढ़ाते 4 – 6 महिना खींच देते है
इनकी लापरवाही के चलते जो ईमानदारी एवं निष्ठा पूर्वक़ समय पर अपना काम पूरा कर लेते है, उन्हें अनावश्यस्क इंतजार करना होता है
आखिर शिक्षा विभाग जिस पर देश के भविष्य को सवारने का दायित्व है, क्या कर रहा है ? क्या जिम्मेदार अधिकारी नींद मे है ? क्या शिक्षकों का बच्चों के प्रति कोई जवाबदरी नहीं ?
इसी तरह गरीब एवं वंचित समूह के बच्चों को निजी स्कूल मे शिक्षा प्रदान करने के लिए बनाया गया कानून RTE Act 2009 जो पुरे भारत मे 01 अप्रैल 2010 से अस्तितत्त्व मे आया,
RTE का खैरागढ़ जिले मे बहुत बुरा हाल है, माननीय सचिव स्कूल शिक्षा विभाग ने 24.06.2024 को RTE अंतर्गत अध्ययन रत पढ़ रहे बच्चों के ड्राप आउट रोकथाम का आदेश जारी किया, किन्तु इस आदेश के विपरीत जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा पालको के माध्यम से सम्बंधित स्कूल को TC जारी करने का लिखित आदेश दिया जा रहा है, जो की शिक्षा सचिव के आदेश का खुला उल्लंघन है
RTE के बात करें तो अभी 2024-25 मे दावा प्रतिपूर्ति हेतू सारे प्रक्रिया ऑनलाइन पेपर लेस कर निजी स्कूलों से दावा लिया जा रहा है, जिसकी अंतिम तिथि 25 जुलाई निर्धारित है, इस कार्य को चार चरणों मे सम्पादित किया जाना है,लगभग सभी जिला इस का आदेश अपने नोडलो और निजी स्कूलों को दे चुके है, कित्नु राज्य का आठवा अजूबा जिला खैरागढ़ आज पर्यंत तक कोई सूचना जारी नहीं किया है
इस सम्बन्ध मे बात करने पर जिला शिक्षा अधिकारी का एक सुन्दर सा रटा हुवा जवाब मिलता है, मेरे सज्ञान मे नहीं है दिखवाता हु और दूसरे दिन भूल जाते है, चार – पांच दिनों बाद पुनः बात करो तो फिर से यही जवाब
RTE डीलिंग क्लर्क से बात करने पर – हमने नोडलो को बता दिया है कहा जाता है, नोडलो से सम्पर्क करने पर उनको कुछ पता नहीं ऐसा बयान आता है, कुल मिलाकर शिक्षा विभाग बच्चों के भविष्य को बर्बाद करने मे लगा है
नाम न बताने की शर्त पर कुछ स्कूल संचालको ने तो यहा तक कहा की, नोडलो को कुछ काम नहीं आता, उन्होंने अपना आई डी पासवर्ड हमें दे दिया है, हम खुद अपना काम कर लेते है, अब सोचने वाली बात है आई डी पासवर्ड रखना और देना दोनों अपराध की श्रेणी मे आते है, ऐसे नोडल है, जिनको कोई ज्ञान ही नहीं
जिले मे कई स्कूल बिना मान्यता के संचालित है, जिला शिक्षा अधिकारी को इसकी जानकारी दि गयी है, लेकिन उनका कहना तो कुछ और है, बिना मान्यता वालो को हम क्या कर सकते है चलने दो बोल देते है, और बेक़ डेट मे उनको मान्यता जारी भी कर दि जाती है
अभी पाठ्यपुस्तकों को लेकर सरकार का सोष्ट निर्देश है की कोई भी स्कूल चाहे निजी हो या सरकारी, शासन द्वारा निर्धारित पुस्तके ही संचालित करेगा, अब जिन स्कूलों को बेक डेट मे मान्यता दे दि गयी या जो अभी तक मान्यता नहीं लिए है, उनको पुस्तके मिलेगी नहीं, फिर जिला शिक्षा अधिकारी क्या कार्यवाही करेंगे ये देखने वाली बात होंगी
राजेंद्र सिंह चंदेल, जिलाध्यक्ष – छ ग प्रायवेट स्कूल मैंनेजमेंट एसोसिएशन रायपुर –
हमने जिले की विभिन्न समस्याओ एवं गैर कानूनी तरीके से किये जा रहे कार्यों की लिखित शिकायत DEO को दिया है, उनके द्वारा आज पर्यन्त कोई कार्यवाही नहीं की गयी, बाद मे पता चला की उनका काम बेक डेट मे कर दिया गया है – राजेंद्र सिंह चंदेल, जिलाध्यक्ष – छ ग प्रायवेट स्कूल मैंनेजमेंट एसोसिएशन रायपुर
ऐसे बहुत से सवाल है, जो शिक्षा विभाग पर सवालिया निशान खडे करता है
कृष्ण कुमार सोनी, प्रदेश सह सचिव (RTE) छ ग प्रायवेट स्कूल मैंनेजमेंट एसोसिएशन रायपुर –
लगतार शिकायत के बाद भी कार्यवाही न करना चिन्ताजनक है, शासन एवं माननीय कोर्ट के बहुत से आदेशों – निर्देशों के पालन न करने की शिकायते मिली है, हम बहुत से मुद्दों पर पुनः माननीय हाई कोर्ट जा रहे है, जिला शिक्षा अधिकारियो को जवाब देना होगा