डोंगरगढ़ की बेटियों का प्रदेश स्तर पर सम्मान, महिला सशक्तिकरण का बना प्रेरक मंच
डोंगरगढ़/राजनांदगांव। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर महिला सशक्तिकरण संघ द्वारा राजनांदगांव स्थित डॉ. अंबेडकर सांस्कृतिक भवन में भव्य प्रदेश स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस गरिमामयी आयोजन में प्रदेश के विभिन्न जिलों एवं ब्लॉकों से बड़ी संख्या में महिलाओं और प्रतिनिधियों ने भाग लेकर महिला शक्ति की एकजुटता का संदेश दिया।
कार्यक्रम में डोंगरगढ़ की महिलाओं ने उल्लेखनीय उपस्थिति दर्ज कराते हुए प्रदेश स्तर पर सम्मान प्राप्त किया। मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित राष्ट्रीय उपाध्यक्ष आयुष्मति प्रज्ञा बौद्ध ने महिलाओं की शिक्षा, खेल एवं सामाजिक क्षेत्रों में बढ़ती भागीदारी पर प्रकाश डालते हुए उन्हें आत्मनिर्भर बनने और निरंतर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहीं प्रदेश अध्यक्ष आयुष्मति पदमा मेश्राम ने संगठन की संघर्षपूर्ण यात्रा और उपलब्धियों को साझा करते हुए कहा कि महिला सशक्तिकरण संघ महिलाओं के अधिकार, सम्मान और स्वाभिमान की रक्षा के लिए निरंतर कार्य कर रहा है और भविष्य में भी यह अभियान जारी रहेगा।
इस अवसर पर राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली बालिका खिलाड़ियों तथा समाजसेवा में सक्रिय महिलाओं को ‘धम्म सेवा अवॉर्ड’ एवं ‘नारी सशक्तिकरण अवॉर्ड’ से सम्मानित किया गया।
डोंगरगढ़ की जिन प्रतिभाशाली महिलाओं को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया, उनमें जाई सेंडे, नलिनी मेश्राम, ज्योति मेश्राम, मनीषा मेश्राम, ममता भोयर, किरण मेश्राम, राधिका जघेल, माधुरी मेश्राम, सुनीता सिंह, अनुपमा लाडगे, अरुणा गजभिए, डॉ. परमेश्वरी कुंभज टाँडिया एवं डॉ. संगीता रंगारी शामिल हैं।
कार्यक्रम में उपस्थित सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों ने इसे महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण और प्रेरणादायक पहल बताया तथा सम्मानित महिलाओं को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
— दैनिक सरस्वती संकेत



