जन सूचना अधिकारी की दबंगई : प्रथम अपील लेने से इनकार, आवेदक को दी खुली धमकी
मुख्य नगर पालिका अधिकारी से कार्रवाही की मांग
खैरागढ़। नगर पालिका परिषद खैरागढ़ में सूचना के अधिकार अधिनियम की खुलेआम धज्जियां उड़ाए जाने का गंभीर मामला सामने आया है। नगर पालिका में पदस्थ जन सूचना अधिकारी मनोज कुमार शुक्ला द्वारा प्रथम अपील आवेदन लेने से न केवल इनकार किया गया, बल्कि आवेदक को खुलेआम धमकी भी दी गई।
आवेदक राजेंद्र सिंह चंदेल, जो कि दैनिक सरस्वती संकेत के संपादक भी हैं, जब प्रथम अपील आवेदन जमा करने नगर पालिका पहुंचे तो जन सूचना अधिकारी ने आवेदन लेने से मना कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार अधिकारी ने कहा—
“जो तुम्हें उखाड़ना है उखाड़ लो, मैं आवेदन नहीं लूंगा, न ही कोई जानकारी दूंगा। मैं खैरागढ़ का रहने वाला हूं, नगर पालिका में मेरी पकड़ है, मेरा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता।”
बताया जा रहा है कि यह पहली बार नहीं है। इससे पूर्व भी राजेंद्र सिंह चंदेल द्वारा दिए गए एक आवेदन को लेने से मना किया गया था और उसी दौरान भी इसी प्रकार की धमकी दी गई थी। उक्त घटना का समाचार पहले ही प्रकाशित हो चुका है, बावजूद इसके जन सूचना अधिकारी के हौसले और अधिक बुलंद होते नजर आ रहे हैं।
सूचना के अधिकार जैसे संवैधानिक कानून के तहत कार्यरत अधिकारी द्वारा इस तरह का व्यवहार न केवल कानून का अपमान है, बल्कि आम नागरिकों के सूचना पाने के अधिकार पर सीधा हमला भी है।
अब बड़ा सवाल यह है कि—
क्या मुख्य नगर पालिका अधिकारी, खैरागढ़ इस पूरे मामले का संज्ञान लेंगे?
क्या जन सूचना अधिकारी जैसे जिम्मेदार पद पर बैठे व्यक्ति के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी?
या फिर दबंगई और धमकियों का यह खेल यूं ही चलता रहेगा?
नगर पालिका परिषद खैरागढ़ में पदस्थ इस “अत्यंत ईमानदार” जन सूचना अधिकारी की कार्यशैली अब सार्वजनिक बहस का विषय बन चुकी है। आवश्यकता है कि प्रशासन तत्काल संज्ञान लेकर कानून का राज स्थापित करे, ताकि भविष्य में कोई अधिकारी आम नागरिकों और पत्रकारों को धमकाने का दुस्साहस न कर सके।

