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*आज होगा किसानों का महापंचायत

*आज होगा किसानों का महापंचायत

प्रस्तावित चुना पत्थर खनन एवं सीमेंट फैक्ट्री के विरुद्ध निर्णायक संघर्ष का ऐलान

*खैरागढ़* –

दनिया–अतरिया–उदयपुर–हनईबन सहित सम्पूर्ण परिक्षेत्र के किसान, महिलाएँ और ग्रामीण परिवार अपनी जमीन, पानी, जंगल और भविष्य की कीमत पर किसी भी तथाकथित विकास को स्वीकार नहीं करेंगे। किसानों का कहना है कि प्रस्तावित संडी, हनईबन , सीता डबरी एवं अन्य चुना पत्थर ( लाइम स्टोन) खनन ब्लॉक तथा सीमेंट फैक्ट्री सीधे-सीधे हमारे अस्तित्व पर हमला हैं। यह परियोजना न केवल पर्यावरणीय विनाश को जन्म देगी बल्कि हजारों नहीं, लाखों ग्रामीणों को उजाड़कर बेघर करने की साजिश है।

यह विकास नहीं, विनाश है हजारों एकड़ त्रिफसली उपजाऊ सिंचित कृषि भूमि हमेशा के लिए खत्म हो जाएगी । क्षेत्र के जलस्रोत सूख जाएंगे, गांव रेगिस्तान में बदल जाएंगे ।धूल और जहरीली गैसों से बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं का जीवन संकट में पड़ेगा । तापमान बढ़ेगा, जैव विविधता समाप्त होगी । आने वाली पीढ़ियों से उनका भविष्य छीन लिया जाएगा ।

आंदोलन के अगुवाई कर रहे क्षेत्र के पूर्व विधायक गिरवर जंघेल का साफ शब्दों में कहना हैं कि

यह परियोजना ग्रामीणों की आजीविका, स्वास्थ्य और मानव अधिकारों पर सीधा और क्रूर प्रहार है।

जनसुनवाई स्थगित होना कोई उपलब्धि नहीं, यह जनता के दबाव की जीत है । 15,000 से अधिक किसान, महिलाएँ और ग्रामीण परिवारजन छुईखदान पहुँचे और शासन-प्रशासन को अपनी चिंता से अवगत करायें कि हमारी सहमति के बिना एक इंच जमीन भी नहीं खोदी जाएगी।

जनसुनवाई का स्थगन इस बात का प्रमाण है कि

सरकार और प्रशासन को ग्रामीणों की एकजुट ताकत का अहसास है।

वहीं आंदोलन के बड़े चेहरा जनपद सभापति सुधीर गोलछा का स्पष्ट कहना है की स्थगन नहीं, स्थायी निरस्तीकरण चाहिए। हम समझौता नहीं करेंगे ।

श्रवण जंघेल , कामदेव और मुकेश पटेल सहित ग्रामीणों का कहना है कि किसी भी कीमत पर खनन कार्य शुरू नहीं होने देंगे । गांव, खेत और जंगल को उजड़ने नहीं देंगे । यदि जबरदस्ती की गई तो जन आंदोलन को उग्र और व्यापक किया जाएगा । यह संघर्ष केवल एक परियोजना का नहीं,हमारे जीवन, सम्मान और अस्तित्व का प्रश्न है। संघर्ष के लिए संगठित शक्ति का निर्माण

45 से अधिक गांवों के किसान, ग्रामीण परिवार, पंच-सरपंच , जनपद सदस्य एक मंच पर आ चुके हैं।

 

न्यायालय से लेकर सड़क तक संघर्ष करेगा

हर संवैधानिक और जनआंदोलन के रास्ते अपनाएगा ।

 

किसान महापंचायत का आयोजन

शनिवार, 20 तारीख को

पंडरिया–बिचारपुर भाठा में किसान महापंचायत आयोजित की जा रही है। यह महापंचायत भविष्य की लड़ाई की दिशा तय करेगी।

 

अगर परियोजना रद्द नहीं हुई, तो किसान सड़कों पर उतरेंगे, प्रशासन की डीह डोंगरी छीनने की हर कोशिश का लोकतांत्रिक लेकिन कठोर विरोध करेंगे। हम अपनी डीह-डोंगरी बचाएंगे।

हम अपनी जमीन नहीं देंगे। यह लड़ाई आख़िरी सांस तक चलेगी।

 

किसान महापंचायत के अवसर पर आंदोलनकारी किसान और ग्रामीणों की ओर से बैठक स्थल पर सुबह १० बजे से दोपहर ०३ बजे तक सिकलिन, थैलेसीमिया, मरीजों के लिए रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया है l

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