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किराना, गुड़ाखू, गुटखा, पान मसाला, अनाज, व्यापारी दोगुने दामों में बेंच रहे हैं और अधिकारी अनजान बने हुए हैं और व्यापारी मौके का फायदा उठाकर लोगों की जेब ढीली कर रहे हैं।

गुटखा, गुड़ाखू को लेकर अधिकारी अनजान, व्यापारी दोगुना दामो में बेच रहे सामान ,लाकडाउन के पहले ही व्यापारियों की कट रही है चांदी, मौका का फायदा उठा रहे दुकानदार ।

राजेन्द्दि सिंह चंदेल प्रधान संपादक सरस्वती संकेत न्यूज

राजनांदगाँव/खैरागढ़ /छुईखदान //कोरोना वायरस की तीसरी लहर के खतरे को देखते हुए केंद्र व राज्य सरकार द्वारा एतिहात बरतने दिशा निर्देश कर कोरोना गाइडलाईन का पालन करने आदेश कर दिया गया है । जहाँ कोरोना पॉजिटिव मिल रहे है वहाँ कंटेंटमेंट घोषित किया जा रहा है।जिसके चलते लोगो को लॉकडाउन हो जाने का भय सताने लगा है इसी का फायदा व्यापारियों द्वारा उठाया जा रहा है और लाकडाउन होने के पहले ही किराना से लेकर गुड़ाखु, गुटखा, तंबाकू ,पान मसाला जैसे सामानों को दुकानदार उपभोक्ताओं से अधिक कीमत वसूली करने में लगे हुए हैं. निर्माता कंपनियां सही दामों में दुकानदारों को सम्मान बेच रहे हैं. जिसके बाद भी बिचोलिये/दुकानदार ऊंचे दामों में सामान बेचने में लगे है. भुक्तभोगी उपभोक्ताओं में अधिकांश दिहाड़ी मजदूर, सामान्य श्रमिक, सीमित वर्ग के लोग हैं. उनका कहना है कि पांच रुपये की तंबाकू और गुटखा 10 से 15 रुपये का पैकेट बेच रहे है. जिसमें मुख्य रुप से राजश्री, विमल, आशिकी, पान पराग, रजनीगंधा को, 5 गुना अधिक कीमत में बेचे जा रहे हैं. एक गुड़ाखु पूड़ा 500 में बिकने लगा है. श्रमिक वर्ग की गाढ़ी कमार्ड दुकानदारों के जेब में जा रही है.

राजनांदगाँव /खैरागढ़/शहर के गुटखा व्यापारियों को प्रसाशन का भय नही है जाहिर सी बात है अधिकारियों से सेटिंग हो इस बात को इनकार नही किया जा सकता और बिना किसी डर के अनाप-शनाप दाम पर बेच रहे गुटखा के कई थोक विक्रेता मुख्य रूप से सदर बाजार चौक में स्तिथ नामी हस्ती के नाम से प्रसिद्ध दुकानदार ,मानव मंदिर चौक,फल बाजार गुड़ाखु लाइन के व्यापारी मुनाफाखोरी में जुट गए हैं। लॉकडाउन लगा नही पर मौके का फायदा उठा रहे हैं। सामानों को स्टॉक कर भारी कमी बताते हुए दोगुने दामों पर बेच रहे हैं।
ऐसी ही शिकायत राजनांदगाँव के अलावा खैरागढ़, चिचका ,पांडाडाह ,कुर्रुभाट भरतपुर पिर चिपहाड़, आमदानी, देवरी , चिचोला, डोंगरगांव, डोंगरगढ़, छुरिया,अम्बागढ़ चौकी, मोहला-मानपुर, औंधी चिल्हाटी से आई है। जहां दाल, चावल, तेल सहित अन्य रोजमर्रा की चीजें अनाप शनाप दाम पर बेची जा रही है। लोगों का आरोप है कि शिकायत करने के लिए फोन लगाने पर जिम्मेदार लोग फोन भी नहीं उठाते। राज्य शासन व जिला प्रशासन ने ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का निर्देश पहले ही जारी कर दिया है, बावजूद दुकानदार मौके का फायदा उठा रहे हैं। पान-मसाला, तंबाकू जैसी चीजें मनमाने दर पर बेचे जा रहे हैं।

पहुँच से दूर
गौरतलब हो कि छत्तीसगढ़ में गुटखा एवं तंबाकू उत्पाद पर प्रतिबंध लगा दिया गया था. फिर भी कोरोना काल में गुटखा, जर्दा व तंबाकू पर रोक के बावजूद इनका अवैध व्यापार चल रहा है. लगातार बढ़ रहे संक्रमण के केस पर रोक लगाने सभी गंभीर है वही क्षेत्र के दुकानदार चोरी छिपे बड़ी मात्रा में इस कारोबार में संलिप्त है. यहां तक कि औंधी के कुछ गुटखा के थोक विक्रेता महारष्ट्र के गढ़चिरौली जिले के धनोरा, मुरुमगांव, पेंड्री, मालेवाड़ा, एडकड़, मारदा, हेटी, एंनगाव तक के दुकानदारों को बड़ी ट्रक से माल मंगा कर छोटी-छोटी ट्रकों में रात के अंधेरे में इन गांवों तक पहुँचा रहे हैं. प्राप्त जानकारी के अनुसार गुटखा एवं तंबाक पान मसाला उत्पादों का भंडारण सीमावर्ती गांव में होते हैं जहां पुलिस और प्रशासन की पहुंच से दूर होती है.
कोई ठोस कदम नही*
 छत्तीसगढ़ में गुटखा पर प्रतिबंध लगा है. गुटखा बेचना दंडनीय अपराध है. बावजूद इसके खुलेआम क्षेत्र के थोक व्यापारियों द्वारा भारी मात्रा में भंडारण कर अधिक कीमत पर बेचा जा रहा है। बिक्री का तरीका जरूर बदल गया है. पहले गुटखा-तंबाकू युक्त होता था, लेकिन अब पान-मसाले की आड़ में अलग से तंबाकू के साथ बेचा जा रहा है. आलम यह है कि बच्चों में भी गुटखे की लत बढ़ती जा रही है. बावजूद इसके इसे रोकने के लिए संबंधित विभाग कोई ठोस कदम नहीं उठा पा रहा है और अधिकारियो की मिलीभगत से लोगों की गाढ़ी कमाई दुकानदारों की जेब में जा रही है।

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