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जिला शिक्षा अधिकारी ने शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों का किया निरीक्षण

जिला शिक्षा अधिकारी ने शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों का किया निरीक्षण

 

बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी, शिक्षा गुणवत्ता और विद्यार्थियों के अधिगम स्तर पर विशेष जोर

 

खैरागढ़, 12 सितंबर 2026। नवनियुक्त जिला शिक्षा अधिकारी श्री उपेंद्र देवांगन ने शनिवार को खैरागढ़ विकासखंड के विभिन्न शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों का निरीक्षण कर शैक्षणिक गुणवत्ता, विद्यार्थियों के अधिगम स्तर तथा विद्यालयीन व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल बढ़ईटोला एवं सेजेस बालक खैरागढ़ का निरीक्षण करते हुए विद्यालय की शैक्षणिक एवं प्रशासनिक गतिविधियों की विस्तार से जानकारी ली।

 

कक्षाओं में पहुंचकर विद्यार्थियों से किया संवाद

 

निरीक्षण के दौरान जिला शिक्षा अधिकारी ने विभिन्न कक्षाओं में पहुंचकर विद्यार्थियों से सीधे संवाद किया तथा विषयगत प्रश्न पूछकर उनके सीखने एवं समझ के स्तर का आकलन किया। उन्होंने विद्यार्थियों की उपस्थिति, कक्षा-कक्ष संचालन, स्वच्छता, शैक्षणिक गतिविधियों एवं विद्यालयीन व्यवस्थाओं का भी अवलोकन किया।

 

आगामी बोर्ड परीक्षाओं को ध्यान में रखते हुए उन्होंने विद्यार्थियों की तैयारी को और अधिक प्रभावी एवं गुणवत्तापूर्ण बनाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने शिक्षकों को निर्देशित किया कि विद्यार्थियों को परीक्षा की दृष्टि से व्यवस्थित मार्गदर्शन प्रदान करते हुए उनकी विषयगत समझ, लेखन क्षमता एवं आत्मविश्वास को मजबूत किया जाए, ताकि विद्यार्थी बेहतर परिणाम के साथ परीक्षा में शामिल हो सकें।

 

मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता भी परखी

 

सेजेस बालक खैरागढ़ में जिला शिक्षा अधिकारी ने मध्यान्ह भोजन व्यवस्था का भी निरीक्षण किया। उन्होंने भोजन की गुणवत्ता की जानकारी लेते हुए स्वयं भोजन का स्वाद चखा। निरीक्षण के दौरान मध्यान्ह भोजन निर्धारित मीनू के अनुसार पाया गया।

 

कमजोर विद्यार्थियों के लिए उपचारात्मक शिक्षण पर जोर

 

जिला शिक्षा अधिकारी ने शिक्षकों को निर्देशित किया कि प्रत्येक विद्यार्थी के व्यक्तिगत अधिगम स्तर को ध्यान में रखते हुए शिक्षण कार्य किया जाए। कमजोर एवं सीखने में कठिनाई वाले विद्यार्थियों के लिए अतिरिक्त अभ्यास एवं उपचारात्मक शिक्षण पर विशेष ध्यान दिया जाए।

 

उन्होंने विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने, पाठ्यक्रम को समयबद्ध रूप से पूर्ण करने तथा नवाचारी एवं गतिविधि आधारित शिक्षण को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिक्षण प्रक्रिया ऐसी हो, जिसमें प्रत्येक विद्यार्थी की सहभागिता सुनिश्चित हो और कोई भी बच्चा सीखने की प्रक्रिया में पीछे न रह जाए।

 

“विद्यालय की सफलता विद्यार्थियों के सीखने से तय होती है”

 

निरीक्षण के दौरान जिला शिक्षा अधिकारी ने विद्यालयीन व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए आवश्यक सुधार के संबंध में मार्गदर्शन प्रदान किया। उन्होंने कहा कि “विद्यालय की वास्तविक सफलता केवल परीक्षा परिणामों से नहीं, बल्कि प्रत्येक विद्यार्थी के सीखने, आगे बढ़ने और उसके सर्वांगीण विकास से निर्धारित होती है।”

 

अशासकीय विद्यालयों का भी किया निरीक्षण

 

इसके पश्चात जिला शिक्षा अधिकारी ने माइलस्टोन पब्लिक स्कूल खैरागढ़ एवं सरस्वती शिशु मंदिर खैरागढ़ का भी निरीक्षण किया। उन्होंने विद्यार्थियों से आत्मीय संवाद करते हुए उनकी पढ़ाई, रुचियों एवं शैक्षणिक गतिविधियों के संबंध में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने विद्यार्थियों को निरंतर मेहनत, अनुशासन एवं लगन के साथ अध्ययन करते हुए जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

 

16 सितंबर को “शिक्षा समीक्षा कार्यशाला खैरागढ़” के बैनर तले वृहद कार्यशाला

 

जिला शिक्षा अधिकारी श्री उपेंद्र देवांगन द्वारा आगामी 16 सितंबर 2026 को “खैरागढ़ शिक्षा समीक्षा कार्यशाला” के बैनर तले सरस्वती शिशु मंदिर खैरागढ के सभाहाल में प्रातः 9.30 बजे से संध्या 5 बजे तक वृहद कार्यशाला का आयोजन होगा,जिसमे जिले के सभी बीईओ, एबीईओ,बीआरसी, जिले के शासकीय शालाओ के प्राचार्य गण,पूर्व माध्यमिक शालाओ के प्रधानपाठक /प्रभारी प्रधानपाठक तथा दोनो विकासखंड के समस्त सीएसी की उपस्थिति अनिवार्य होगी,प्रतिनिधि मान्य नही होगा।एजेंडा भी शीघ्र ही प्रेषित किया जाएगा।

 

निरीक्षण के दौरान सहायक संचालक श्री मनोहर चंदेल एवं विकासखंड स्त्रोत समन्वयक श्री सुजीत सिंह चौहान भी उपस्थित रहे।

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