ओवरब्रिज के नीचे से छोटे व्यापारियों को बिना व्यवस्थापन हटाए जाने पर व्यापारियो और कांग्रेस नेताओं ने हाथ में कटोरा लेकर किया विरोध प्रदर्शन
“*यह गरीबों की रोज़ी-रोटी पर हमला है, भाजपा की नीतियाँ जनविरोधी हैं” – निखिल द्विवेदी*
आज अन्याय के खिलाफ कांग्रेस पार्टी के स्थानीय नेताओं और व्यापारी संगठनों ने मिलकर अनोखे अंदाज़ में विरोध प्रदर्शन किया सभी प्रदर्शनकारियों ने हाथ में कटोरा लेकर सड़कों पर भीख मांगी और भाजपा सरकार की नीतियों का विरोध किया
निखिल द्विवेदी ने कहा की – ओवरब्रिज के नीचे वर्षों से दुकान चला रहे सैकड़ों छोटे और मध्यम व्यापारियों को प्रशासन द्वारा जबरन हटा दिया गया बिना किसी पूर्व सूचना, वैकल्पिक व्यवस्था और मुआवज़े के यह कार्रवाई पूरी तरह अमानवीय और जनविरोधी है “राजनांदगांव की भाजपा सरकार गरीब दुकानदारों को उजाड़कर किस विकास की बात कर रही है? ये वही लोग हैं जो वर्षों से अपना पेट पाल रहे थे, और अब उन्हें सड़कों पर लाकर छोड़ दिया गया है। सरकार को कम से कम कोई वैकल्पिक व्यवस्था देनी चाहिए थी यह कार्रवाई तानाशाही की मिसाल है प्रदर्शन के दौरान व्यापारियों ने मांग रखी सभी हटाए गए दुकानदारों को तत्काल वैकल्पिक स्थान उपलब्ध कराया जाए मुआवज़ा व पुनर्वास नीति की घोषणा हो,और प्रशासनिक कार्रवाई से पहले व्यापारियों को पर्याप्त समय और अवसर दिया जाए हमने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि व्यापारियों को जल्द राहत नहीं दी गई तो यह आंदोलन और तेज़ होगा और बड़े स्तर पर संघर्ष किया जाएगा
पूर्व निगम अध्यक्ष और पार्षद हाफिज़ खान ने कहा की यह सिर्फ अतिक्रमण नहीं, बल्कि गरीबों की रोटी पर सीधा हमला है भाजपा शासन में गरीबों के लिए कोई जगह नहीं है जब तक सभी प्रभावित व्यापारियों को न्याय नहीं मिलेगा, कांग्रेस चुप नहीं बैठेगी हम हर मंच पर इन आवाज़ों को उठाते रहेंगे इस विरोध को देखकर आम जनता में भी नाराज़गी देखने को मिली, क्योंकि जिन लोगों ने अपने पसीने से छोटी-छोटी दुकानें खड़ी की थीं, आज उन्हें एक झटके में उजाड़ दिया गया है
उक्त प्रदर्शन के दौरान मुख्यरूप से निखिल द्विवेदी ,हाफिज ख़ान , पूर्व पार्षद विनय झा , पार्षद राजा तिवारी , पूर्व पार्षद प्रजापति पूर्व पार्षद शरद पटेल पूर्व पार्षद, समद ख़ान , पूर्व पार्षद ऋषि शास्त्री सहित बड़ी संख्या में व्यापारी उपस्थित थे
आप सभी पत्रकार साथियों से आग्राह अपने अपने समाचार पत्रों में स्थान देने की कृपा करे