*बगैर नोटिस/व्यवस्थापन गरीबों का रोजगार उजाड़ रहे जिला प्रशासन व नगर निगम, रसूखदारों पर कार्यवाही करने की इनमें हिम्मत नहीं – हफीज खान*
*वरिष्ठ पार्षद नगर निगम के पूर्व अध्यक्ष व पूर्व नेता प्रतिपक्ष हफीज खान ने कहा कि बरसात में तो पक्षियों के घोंसलों को भी नहीं हटाया जाता*
राजनांदगांव । नगर निगम राजनांदगांव के अतिक्रमण पर चल रही बुलडोजर कार्यवाही पर नगर निगम के पूर्व अध्यक्ष, पूर्व नेता प्रतिपक्ष एवं वरिष्ठ पार्षद हफीज खान ने जारी बयान में कहा है कि बिना किसी नोटिस या पूर्व सूचना बिना व्यवस्थापन के इस तरीके से भरी बारिश में गरीबों के रोजी रोटी के साधन पर बेरहमी से बुलडोजर चलाना बेहद अमानवीय है, उन्होंने यह भी कहा कि बरसात में तो पक्षीयों का घोंसला भी नहीं हटाया जाता है और यहां बिना किसी पूर्व नोटिस इत्यादि के गरीब मजबूर लोगों की दुकानों में तोड़ फोड़ की जा रही है, गौरतलब है कि पूरे शहर में कई ऐसी जगह हैं जहां बड़े बड़े रसूखदारों द्वारा व भाजपा से जुड़े लोगों द्वारा मनमाने अतिक्रमण किया गया है ढेरों बड़ी बड़ी दुकानें अस्पताल बिना पार्किंग चल रहे हैं उसपर चुप्पी साध कर केवल गरीबों की दुकानें तोड़ कर अपनी पीठ थपथपाने का काम और मीडिया की सुर्खियों में आने का कुंठित प्रयास नगर निगम राजनांदगांव द्वारा किया जा रहा है ।
श्री खान ने जिला प्रशासन व नगर निगम पर निशाना साधते हुए कहा कि यह कार्यवाही गरीब विरोधी है और निगम के भाजपा नेताओं का मौन उनकी सहमति दर्शाता है, जनता से उनके विकास के लिए उन्हें संपन्न बनाने वोट मांग कर सत्ता में आई भाजपा आज अपना असली रंग दिखा रही है छत्तीसगढ़ को भी उत्तर प्रदेश-बिहार बनाने और वर्ग संघर्ष की स्थिति उत्पन्न करने की ओर अग्रसर हो चुकी है, शहर में बड़े बड़े रसूखदारों द्वारा मनमाने तरीके से अतिक्रमण किया गया है ज्यादातर जगहों पर पार्किंग है ही नहीं बिना पार्किंग अवैध अतिक्रमण किए हुए अस्पताल संचालित हो रहे हैं बड़ी बड़ी शॉपिंग मॉल जैसी दुकानें बिना पार्किंग सामने अतिक्रमण की हुई हैं लेकिन मजाल है निगम की या भाजपा नेताओं की इनपर कार्यवाही करने की सोच भी सकें, ये केवल गरीबों पर ताकत दिखाते हैं और धन्ना सेठों के सामने सरेंडर हो जाते हैं क्योंकि उन्हीं के टुकड़ों पर चंदा चकोरी इत्यादि पर ही इनकी पार्टी चल रही है, निगम में ही भाजपा से जुड़े लोगों के बड़े बड़े भ्रष्टाचार लगातार सामने आ रहे हैं लेकिन उसपर कार्यवाही करने की निगम की हैसियत नहीं है वे केवल गरीबों का घर उजाड़ सकते हैं और भ्रष्टाचार कर सकते हैं इसके अलावा कुछ नहीं कर सकते और अगर इसी प्रकार का रवैया अगर नगर निगम का रहा तो जल्द ही बड़ा आंदोलन होगा ।